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ख़ाली दिल नहीं ये जाँ वी है मंगदा - कच्चे धागे (१९९८)

दिल के दर्द को अल्फ़ाज़ में बयाँ करता यह गीत 1998-1999 का एक सुपरहिट गीत है। इसकी धुन और बोल आज भी दिल...

बड़ी लम्बी जुदाई - हीरो (१९८३)

हीरो(1983) फ़िल्म से यह गीत तो आप सबको याद होगा, यह गीत आनन्द साहब ने लिखा दर्द बयाँ करने में आज तक इ...

चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला - आवारगी (१९९०)

इस गीत के क्या कहने, कौन होगा जो ऐसे उम्दा गीत को पसंद नहीं करता या सुनने के बाद पसंद न करे। बस अचर...

आदमी मुसाफ़िर है - अपनापन (१९७७)

आइए दोस्तों शुरुआत करते हैं उस गीत से जिसके लिए आनन्द बक्षी साहब ने पहला फ़िल्म-फेयर पुरस्कार जीता। म...