गीत: सुन बन्तो बात मेरी
फ़िल्म: महाचोर (1976)
संगीतकार: राहुल देव बर्मन
कलाकार: नीतू सिंह, राजेश खन्ना
स्वर: आनन्द बक्षी, आशा भोंसले
Sun Banto Baat Meri - Maha Chor (1976) from Vinay Prajapati on Vimeo.
गीत के बोल:
आनन्द बक्षी:
सुन बन्तो बात मेरी, हाय सुण बन्तो बात मेरी
दिन ताँ गुज़र जायेगा, नइ यूँ कटणी रात मेरी
दिन ताँ गुज़र जायेगा, नइ कटणी रात मेरी
आशा भोंसले:
रहने दे यह बेताबी, वे छूटेया, रहने दे यह बेताबी,
मैं घर नहीं जाना, लै फण घर दी चाबी...
मैं घर नहीं जाना, लै फण घर दी चाबी...
आनन्द बक्षी:
ओ चुप करके गड्डी दे विच बैण जा
चुप करके गड्डी दे विच बैण जा
जे रोई ते चपेड़ खायेंगी, रोई ते चपेड़ खायेंगी
आशा भोंसले:
तेरी गड्डी विच नहीं बैणाँ
वे जा तेरी गड्डी विच नहीं बैणाँ
जित्थे तेरी याद आये उत्थे बैठके रो लेणाँ
जित्थे तेरी याद आये उत्थे बैठके रो लेणाँ
आनन्द बक्षी:
मैं तुझे घर से भगा के नहीं लाया,
तुझे घर से भगा के नहीं लाया
कि आयी है तू मर्ज़ी से, आयी है तू मर्ज़ी से
आशा भोंसले:
हट छोड़ मज़ाक चन्ना, ओय हट छोड़ मज़ाक चन्ना
तेरी मेरी नइ निभणी, मैंनूँ दे दे तलाक़ चन्ना
तेरी मेरी नइ निभणी, मैंनूँ दे दे तलाक़ चन्ना
आनन्द बक्षी:
तैं अपने घर रहना था, अपने घर रहना था
डोली में ना डाले... बाबुल से कहना था
डोली में ना डाले... बाबुल से कहना था
आशा भोंसले:
मेरे बाबुल का नाम न लेना, मेरे बाबुल का नाम न लेना
तू चाहे मेरी जान कड लै, चाहे मेरी जान कड लै
आनन्द बक्षी:
हो.. इक रूठे तै दूजा मनाये, इक रूठे तै दूजा मनाये
यही तो प्यार है मित्राँ, इक रूठे...
आशा भोंसले:
तुम समझे मैं रूठ गयी, वे जाँ तुम समझे मैं रूठ गयी,
उमराँ दी यारी पल्लाँ विच टूट गयी
उमराँ दी यारी पल्लाँ विच टूट गयी







