Tuesday 3 January 2012

माँग लूँगा मैं तुझे तक़दीर से - रोमांस (१९८३)

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गीत: माँग लूँगा मैं तुझे तक़दीर से
चित्रपट: रोमांस (1983)
संगीत: आर. डी. बर्मन
गीतकार: आनंद बक्षी
स्वर: अमित कुमार और लता मंगेश्कर

संस्करण १:

Maang Lunga Mein Tujhe Taqdeer Se - Romance (1983) from Vinay Prajapati on Vimeo.


आडियो गीत:


गीत के बोल:

माँग लूँगा मैं तुझे तक़दीर से
(अरे) जी नहीं भरता तेरी तस्वीर से

माँग लूँगी मैं तुझे तक़दीर से
(ओ) जी नहीं भरता तेरी तहरीर से

यूँ धड़कता है कई रातों से दिल
बस गया समझो मेरे हाथों से दिल
क्या भरे ख़त की मुलाक़ातों से दिल
कैसे बहकाऊँ तेरी बातों से दिल

क्या कहूँ मैं इस दिले-बेपीर से
(अरे) जी नहीं भरता तेरी तस्वीर से

माँग लूँगी मैं तुझे तक़दीर से
(ओ) जी नहीं भरता तेरी तहरीर से

हर सितम मंज़ूर है वैसे मुझे
नाम भूलेगा तेरा कैसे मुझे
याद आती है तेरी ऐसे मुझे
तूने इतनी दूर से जैसे मुझे

बाँध रखा है किसी जंज़ीर से
(ओ) जी नहीं भरता तेरी तहरीर से

माँग लूँगा मैं तुझे तक़दीर से
(अरे) जी नहीं भरता तेरी तस्वीर से

तेरे-मेरे शहर की ये दूरियाँ
हमने शामो-सहर की ये दूरियाँ
है क़यामत क़हर की ये दूरियाँ
हाए आठों पहर की ये दूरियाँ

कब मिलेंगे हम किसी तदबीर से
(ओ) जी नहीं भरता तेरी तहरीर से

माँग लूँगा मैं तुझे तक़दीर से
(अरे) जी नहीं भरता तेरी तस्वीर से

Monday 31 May 2010

यह रातें नयी पुरानी - जूली (१९७५)

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गीत: यह रातें नयी पुरानी
चित्रपट: जूली (1975)
संगीत: राजेश रोशन
गीतकार: आनन्द बक्षी
स्वर: लता मंगेश्कर

विडियो गीत:

Yeh Ratein Nayi Purani - Julie (1975) from Vinay Prajapati on Vimeo.


आडियो गीत:



गीत के बोल:

यह रातें नयी पुरानी, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें नयी पुरानी, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें...

आ रहा है देखो कोई, जा रहा है देखो कोई
सबके दिल हैं जागे-जागे, सबकी आँखें खोयी-खोयी
ख़ामोशी करती है बातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें...

क्या समा है जैसे ख़ुशबू उड़ रही हो कलियों से
गुज़री हो निदिया में पलकों की गलियों से
सुन्दर सपनों की बारातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें...

कौन जाने कब चलेंगी किस तरफ़ से ये हवाएँ
साल भर तो याद रखना ऐसा न हो भूल जायें
इस रात की मुलाक़ातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें..., नयी पुरानी...,
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी

Saturday 29 May 2010

ये शाम मस्तानी - कटी पतंग (१९७०)

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आज पेश है यह दिलरुबा गीत 'ये शाम मस्तानी', जो आप सभी को और मुझको खासा पसंद है। आइए इसे गुनगुनाएँ!

गीत: ये शाम मस्तानी
फ़िल्म: कटी पतंग (1970)
संगीतकार: राहुल देव बर्मन
स्वर: किशोर कुमार

विडियो गीत:


Yeh Shaam Mastani - Kati Patang (1970) from Vinay Prajapati on Vimeo.

आडियो गीत:



यह शाम मस्तानी, मदहोश किये जाये
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी ओर लिये जाये [x2]

दूर रहती है तू, मेरे पास आती नहीं
होंठों पे तेरे, कभी प्यास आती नहीं
ऐसा लगे, जैसे कि तू, हँस के ज़हर कोई पिये जाये

यह शाम मस्तानी, मदहोश किये जाये
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी ओर लिये जाये

बात मैं जब करूँ, मुझे रोक लेती है क्यों
तेरी मीठी नज़र, मुझे टोक देती है क्योँ
तेरी हया, तेरी शरम, तेरी क़सम मेरे होंठ सिंये जाये

यह शाम मस्तानी, मदहोश किये जाये
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी ओर लिये जाये

एक रूठी हुई, तक़दीर जैसे कोई
ख़ामोश ऐसे है तू, तस्वीर जैसे कोई
तेरी नज़र, बनके ज़ुबाँ, लेकिन तेरे पैग़ाम दिये जाये

यह शाम मस्तानी, मदहोश किये जाये
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी ओर लिये जाये