Sunday, June 1, 2014

अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना - डर (१९९३)

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अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना - डर (१९९३)
होली के महौल को जमाने के लिए एक और ख़ूबसूरत गीत पेश कर रहा हूँ, लुत्फ़ उठाए! आप सभी को होली की ढेर सारी शुभकामनाएँ! हुल्लड़ हर नुक्कड़ हो रहा है! भाइयों, होली है, होली है! बुरा न मानो होली है!!



गीत: अंग से अंग लगाना, सजन हमें ऐसे रंग लगाना | Ang Se Ang Lagana, Sajan Hame Aise Rang Lagana
फ़िल्म: डर (1993) | Darr 1993
संगीतकार: शिव-हरि | Shiv-Hari
गीतकार: आनंद बक्षी | Anand Bakshi
स्वर: अल्का याग्निक, विनोद राठोड़, सुदेश भोंसले | Alka Yagnik, Vinod Rathod, Sudesh Bhonsle

गीत के बोल:
अरे जो जी में आए...
अरे जो जी में आए, तुम आज कर लो
चाहो जिसे इन बाँहो में भर लो

अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना
गालों से ये गाल लगा के, नैनों से ये नैन मिला के
होली आज मनाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना
अंग से अंग लगाना…

ऊपर ऊपर रंग लगय्यो, ना करिओ कुछ नीचे
मोसे कुछ ना बोल, खड़ी रे चुप से अँखियाँ मीचे
बच के पड़ोसन जाने ना पाए
जाये तो वापस आने ना पाए
जुलमी ने ऐसे बाजू मरोड़ा
कजरा ना गजरा, कुछ भी ना छोड़ा
रपट लिखा दो थाने में
हम भर देंगे जुर्माना
अंग से अंग लगाना…
रंग बरसे…

कैसी खींचा तानी, भीगी चुनरी, भीगी चोली
होली का है नाम, अरे ये तो है आँख मिचोली
आज बना हर लड़का कान्हां, आज बनी हर लड़की राधा
तू राधा मैं कान्हां, ना ना ना ना (क्या)
बिजली और बादल, तुम दोनों हो पागल
है खूब ये जोड़ी, बस देर है थोड़ी
तुम जीवन साथी, हम सब बाराती
रंगों की डोली, ले आई होली
भर लो पिचकारी, कर लो तैयारी
एक निशाना बांध के तुम, नैनों के तीर चलाना
अंग से अंग लगाना…

भीगे भीगे तेरे तन से, जैसे शोले लपक रहे हैं
अपना रस्ता देखे मुसाफिर, तेरे नैनों भटक रहे हैं
मैं भूला रास्ता, रस्ते पे आजा
मैं थाम लूं बैय्याँ, मत छेड़ो सैय्याँ
तुम दिल मत तोड़ो, तुम आँचल छोड़ो
तुम काहे रूठी, मेरी चूड़ी टूटी
दिल मेरा टूटा, चल हट जा झूठा
तू नाच मैं गाऊं, तू बैठ मैं जाऊं
मुश्किल है जाना, तू है दीवाना
मुझे अंग लगा ले, बस रंग लगा ले
नीला के पीला, नीला न पीला
क्या लाल गुलाबी, तु बोल ओ भाभी
चुटकी भर सिन्दूर मंगाकर, इसकी मांग सजाना
अंग से अंग लगाना…

Friday, May 30, 2014

ख़ाली दिल नहीं ये जाँ वी है मंगदा - कच्चे धागे (१९९८)

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दिल के दर्द को अल्फ़ाज़ में बयाँ करता यह गीत 1998-1999 का एक सुपरहिट गीत है। इसकी धुन और बोल आज भी दिल जीत लेते हैं।

Kachche Dhaage



गीत: ख़ाली दिल नहीं जाँ वी है मंदगा | Khali Dil Nahin Jaan Vi Hai Mangda
फ़िल्म: कच्चे धागे (1998) | Kachche Dhaage
संगीतकार: नुसरत फ़तेह अली ख़ान | Nusarat Fateh Ali Khan
स्वर: अल्का याग्निक, हंस राज हंस और साथी | Alka Yagnik, Hans Raj Has & Chorus

गीत के बोल:
"इश्क़ है पानी का इक क़तरा
क़तरे में तूफ़ान
एक हाथ में अपना दिल रख ले
एक हाथ में रख ले जान"

ख़ाली दिल नहीं ये जाँ वी है मंगदा
ख़ाली दिल नहीं ये जाँ वी है मंगदा
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा

ख़ाली दिल नहीं जाँ भी है मंगदा
ख़ाली दिल नहीं जाँ भी है मंगदा
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा...

जोगियों के पीछे जैसे जोग लग जाता है,
प्रेमियों को प्रेम वाला रोग लग जाता है - 2
लाख बचायें दामन लोग लग जाता है, ] 2
दिल पे आशिकों के निशान इस रंगदा ] 2

इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा,
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा...

दुश्मन है दिल का ऐसा मन का यह मीत है
जग से निराली इस खेल की रीत है - 2
जीत में हार है, हार में जीत है ] 2
इश्क़ इश्क़ है, मैदान नहीं जंग दा ] 2

इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा...

नाम है दीवाना दूजा न नाम कोई, ] 2
प्यार के जैसा बदनाम नहीं कोई
इश्क़ से बड़ा इल्ज़ाम नहीं कोई,] 2
इश्क़ आशिकानूँ सूलियों उते टंगदा] 2

इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा,
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा...

ख़ाली दिल नहीं जाँ भी है मंगदा
ख़ाली दिल नहीं जाँ भी है मंगदा
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा
इश्क़ की गली विच कोई-कोई लंगदा

बड़ी लम्बी जुदाई - हीरो (१९८३)

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हीरो(1983) फ़िल्म से यह गीत तो आप सबको याद होगा, यह गीत आनन्द साहब ने लिखा दर्द बयाँ करने में आज तक इस गीत के जैसा गीत कोई दूसरा नहीं जो हर स्तर के मन: स्थिति को आसानी से समझ आ जाता हो, आनन्द साहब की कलम से जब दर्द भरे हर्फ़ उतरे, दिल की गहराई में छुपे दर्द की परतों को उकरेने लगे... सलाम आनन्द साहब

Hero 1983 Film Subhash Ghai




गीत: बड़ी लम्बी जुदाई । Badi Lambi Judaai
स्वर: रेशमा | Reshma
गीतकार: आंनद बक्षी | Anand Bakshi
फ़िल्म: हीरो (1983) । Hero 1983 Film
संगीत: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल | Laxmikant-Pyarelal

गीत के बोल:

बिछड़े अभी तो हम
बस कल परसों
जियूंगी मैं कैसे
इस हाल में बरसों
मौत ना आये तेरी याद क्यों आये?
हाय, लम्बी जुदाई

चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई
होंठों पे आये, मेरी जान, दुहाई
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

एक तो सजन मेरे पास नहीं रे
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे - २
उसपे ये सावन आया - २
आग लगाने
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

बाग उजड़ गये, बाग उजड़ गये खिलने से पहले
पंछी बिछड़ गये मिलने से पहले - २
कोयल की कूक, कोयल की कूक ने हूक उठायी
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई
होंठों पे आये, मेरी जान, दुहाई
हाय, लम्बी जुदाई

टूटे ज़माने तेरे हाथ निगोड़े, हाथ निगोड़े
दिल से दिलों की तूने शीशे तोड़े, शीशे तोड़े
हिज्र की ऊँची, हिज्र की ऊँची दीवार बनायी
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

चार दिनों का प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई
लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला - आवारगी (१९९०)

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इस गीत के क्या कहने, कौन होगा जो ऐसे उम्दा गीत को पसंद नहीं करता या सुनने के बाद पसंद न करे। बस अचरज इतना है कि इसके संगीतकार अनु मलिक है। यह वही गीत है जो यह साबित करता है आनन्द बक्षी से जैसा चाहे वैसा लिखवा लो, उन्हें गीत में शब्द को शहद बनाना आता है...

गीत: चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला | Chamakte Chand Ko Toota Hua Tara Bana Dala
चित्रपट: आवारगी (१९९०) | Awaaragi 1990
संगीत: अनु मलिक | Anu Malik
गीतकार: आनंद बक्षी | Anand Bakshi
स्वर: ग़ुलाम अली | Ghulam Ali

Awaaragi 1990




गीत के बोल:

चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला
मेरी आवारगी ने मुझको आवारा बना डाला

बड़ा दिलकश बड़ा रंगीन है यह शहर कहते हैं
यहाँ पर हैं हज़ारों घर घरों में लोग रहते हैं
मुझे इस शहर ने गलियों का बंजारा बना डाला
चमकते चाँद को...

मैं इस दुनिया को अक़्सर देखकर हैरान होता हूँ
न मुझसे बन सका छोटा-सा घर दिन-रात रोता हूँ
ख़ुदाया तूने यह कैसे सारा जहाँ बना डाला
चमकते चाँद को...

Saturday, May 17, 2014

आदमी मुसाफ़िर है - अपनापन (१९७७)

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आइए दोस्तों शुरुआत करते हैं उस गीत से जिसके लिए आनन्द बक्षी साहब ने पहला फ़िल्म-फेयर पुरस्कार जीता। मुझे तो यह गीत बचपन से ही बहुत है, आपको भी ज़रूर पसंद होगा। अगर पहले नहीं सुना तो आज सुनिये और अपनी राय दें।

गीत : आदमी मुसाफ़िर है । Adami Musafir Hai
गायक : लता और मुहम्मद रफ़ी | Lata Aur Md Rafi
संगीतकार : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल | Laxmikant-Pyarelal
चित्रपट : अपनापन (१९७७) | Apnapan (1977)
गीतकार : आनंद बक्षी | Anand Bakshi

Apnapan 1977




गीत के बोल:

आदमी मुसाफ़िर है आता है जाता है
आते-जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है

झोंका हवा का पानी का रेला -२
मेले में रह जाए जो अकेला -२
वो फिर अकेला ही रह जाता है
आदमी मुसाफ़िर है ...

क्या साथ लाए क्या छोड़ आए
रस्ते में हम क्या छोड़ आए
मंज़िल पे जा के ही याद आता है
आदमी मुसाफ़िर है ...

जब डोलती है जीवन की नैया
कोई तो बन जाता है खिवैया
कोई किनारे पे ही डूब जाता है
आदमी मुसाफ़िर है ...

रोती है आँख जलता है ये दिल
जब अपने घर के फेंके दिये से
आँगन पराया जगमगाता है
आदमी मुसाफ़िर है ...

Thursday, March 27, 2014

चिंगारी कोई भड़के - अमर प्रेम (१९७१)

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फ़िल्म अमर प्रेम से यह मनोरम गीत किसे याद नहीं आइए इसका लुत्फ़ उठायें। आनन्द और राहुल का यह बेहतरीन गीत आपके दिल में एक बार फिर उतर जायेगा।


Chingari Koi BaRake - Anand Bakshi from Vinay Prajapati on Vimeo.

गीत : चिंगारी कोई भड़के । Chingari Koi Bhadake
गायक : किशोर कुमार | Kishor Kumar
संगीतकार : राहुलदेव बर्मन | R D Burman
चित्रपट : अमर प्रेम (१९७१) | Amar Prem (1971)
गीतकार : आनंद बक्षी | Anand Bakshi

Amar Prem 1971


गीत के बोल:

आनंद बाबू : रो मत पुष्पा, आज तुम जो हो जिस जगह हो,
तुम्हारे आँख के पानी saline water, I mean नमकीन
पानी के अलावा कुछ नहीं है. इसलिये इन्हें पोंछ डालो
पुष्पा, I hate tears.

पुष्पा : हाँ आनंद बाबू आप ठीक कहते हैं। बैठिये।

आनंद बाबू : छोड़ो पुश्पा, चलो आज कहीं बाहर चलते हैं।
ढूँढें कोई ऐसी जगह जहाँ थोड़ी देर के लिये ही
सही कुछ याद न आये, न तुम्हें न मुझे।

चिंगारी कोई भड़के, तो सावन उसे बुझाये
सावन जो अगन लगाये, उसे कौन बुझाये,
ओ... उसे कौन बुझाये

पतझड़ जो बाग़ उजाड़े, वो बाग़ बहार खिलाये
जो बाग़ बहार में उजड़े, उसे कौन खिलाये
ओ... उसे कौन खिलाये

हमसे मत पूछो कैसे, मंदिर टूटा सपनों का - (२)
लोगों की बात नहीं है, ये क़िस्सा है अपनों का
कोई दुश्मन ठेस लगाये, तो मीत जिया बहलाये
मन मीत जो घाव लगाये, उसे कौन मिटाये

न जाने क्या हो जाता, जाने हम क्या कर जाते - (२)
पीते हैं तो ज़िन्दा हैं, न पीते तो मर जाते
दुनिया जो प्यासा रखे, तो मदिरा प्यास बुझाये
मदिरा जो प्यास लगाये, उसे कौन बुझाये
ओ... उसे कौन बुझाये

माना तूफ़ाँ के आगे, नहीं चलता ज़ोर किसी का - (२)
मौजों का दोष नहीं है, ये दोष है और किसी का
मझधार में नैय्या डोले, तो माझी पार लगाये
माझी जो नाव डुबोये, उसे कौन बचाये
ओ... उसे कौन बचाये

चिंगारी ...

Tuesday, March 25, 2014

तुझे देखा तो यह जाना सनम - दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे (१९९५)

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आनन्द साहब का लिखा यह सदाबहार गीत तो आपको याद ही होगा। आज फिर गुनगुनाइए! इस गीत के लिए आनन्द साहब ने फिल्म फेयर पुरस्कार भी जीता था!

स्वर: कुमार शानू, लता मंगेश्कर | Kumar Shanu, Lata Mangeshkar
गीतकार: आनन्द बक्षी | Anand Bakshi
फ़िल्म: दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे (१९९५) | Dilwale Dulhania Le Jayenge (1995)
संगीत: जतिन-ललित | Jatin-Lalit


Tujhe Dekha To Ye Jaana Sanam - Anand Bakshi from Vinay Prajapati on Vimeo.

Dilwale Dulhania Le Jayenge - DDLJ

गीत के बोल:

कुमार शानू:
तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम
तुझे देखा तो ये जाना सनम

कोरस: आ...

कुमार शानू:
तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम x२
अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

लता:
तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम
अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

कुमार शानू:
तुझे देखा तो ये जाना सनम

कोरस: आ...

लता:
आँखें मेरी, सपने तेरे
दिल मेरा, यादें तेरी

कुमार शानू:
मेरा है क्या, सब कुछ तेरा
जान तेरी, साँसें तेरी

लता:
मेरी आँखों में आँसू तेरे आ गए
मुस्कुराने लगे सारे ग़म

कुमार शानू:
तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम

लता:
अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

कुमार शानू:
तुझे देखा तो ये जाना सनम

लता:
ये दिल कहीं, लगता नहीं
क्या कहूँ, मैं क्या करूँ

कुमार शानू:
हाँ, तू सामने, बैठी रहे
मैं तुझे देखा करूँ

लता:
तू ने आवाज़ दी देख मैं आ गई
प्यार से है बड़ी क्या कसम

कुमार शानू:
तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम

लता:
तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम

कुमार शानू:
अब यहाँ से कहाँ जाएं हम
तेरी बाहों में मर जाएं हम

कोरस: आ...

कुमार शानू: तुझे देखा तो ये जाना सनम

कोरस: आ...

Sunday, March 23, 2014

न आज था न कल था - पति पत्नी और वो (१९७८)

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गीत: न आज था न कल था । Na Aaj Tha Na Kal Tha
चित्रपट: पति पत्नी और वो (१९७८) | Pati Patni Aur Woh (1978)
संगीत: रवींद्र जैन | Ravindra Jain
गीतकार: आनंद बक्षी | Anand Bakshi
स्वर: किशोर कुमार | Kishor Kumar

Pati Patni Aut Woh 1978
Album Cover - Pati Patni Aut Woh 1978



गीत के बोल:

न आज था, न कल था
कोई मुश्किल थी, न हल था
लेकिन क्या था?
बस एक फल था

ये फल खाना मना है, सब उनसे कहते थे x2
आदम और हव्वा दोनों जन्नत में रहते थे x2

दोनों का दिल ललचाया, उस फल को तोड़ के खाया x2
इक शोला-सा लहराया, उनमें शैतान समाया x2
उनको जो हरगिज़ न करना था, कर बैठे थे... x2
आदम और हव्वा दोनों जन्नत में रहते थे x2

क़ुदरत को ग़ुस्सा आया, दोनों पे जुर्म लगाया
जन्नत में रहने वाले, जन्नत से गये निकाले

ऊपर से गिरे वो नीचे... x2, फल आया पीछे-पीछे...
यूँ सदियों ने दम तोड़ा, फल ने पीछा न छोड़ा x2
कहने वाले यूँ उनका अफ़साना कहते हैं x2
आदम और हव्वा अब इस दुनिया में रहते हैं x2

Sunday, August 26, 2012

उड़ी बाबा - विधाता (१९८२)

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गीत: उड़ी बाबा
चित्रपट: विधाता (1982)
संगीत: कल्याण जी आनंद जी
गीतकार: आनंद बक्षी
स्वर: आशा भोंसले

Vidhaata 1982
Album Cover Vidhaata 1982

संस्करण १:


Udi Baba - Vidhaata (1982) from Vinay Prajapati on Vimeo.

गीत के बोल:

आ आ
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
आ आ
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
आ आ
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

नशा ये कैसा उड़ी बाबा
मुझे हो गया उड़ी बाबा
नशा ये कैसा मुझे हो गया
दिल मेरा खो गया
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

हे,
हा आ आ आ, हा आ आ आ
हा आ आ आ, हा आ आ आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग
ओ मैं आ गयी जाने किधर
मुझको नहीं इसकी ख़बर
दीवानी लड़की ये लगती ऐसे दीवानों की महफ़िल है
यहाँ पे आना आसान हैं पर यहाँ से जाना मुश्किल है

उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

नशा ये कैसा उड़ी बाबा
मुझे हो गया उड़ी बाबा
नशा ये कैसा मुझे हो गया
दिल मेरा खो गया
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

हा आ आ आ, हा आ आ आ
हा आ आ आ, हा आ आ आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग
ओ कितनी हसीं ये रात है
क्या ये मेरी बारात है
हा हा, थोड़ी देर में तेरा दूल्हा राजा यहाँ पे आयेगा
अपनी रानी को डोली में बिठा के तुझे ले जायेगा

उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

नशा ये कैसा उड़ी बाबा
मुझे हो गया उड़ी बाबा
नशा ये कैसा मुझे हो गया
दिल मेरा खो गया
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उड़ी बाबा उड़ी बाबा उड़ी बाबा

Thursday, August 16, 2012

चाँद आहें भरेगा - फूल बने अंगारे (1963)

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गीत: चाँद आहें भरेगा, फूल दिल थाम लेंगे
फ़िल्म: फूल बने अंगारे (1963)
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
फ़िल्मांकन: माला सिन्हा, राजकुमार
स्वर: मुकेश कुमार



गीत के बोल:

चाँद आहें भरेगा, फूल दिल थाम लेंगे
चाँद आहें भरेगा, फूल दिल थाम लेंगे
हुस्न की बात चली तो सब तेरा नाम लेंगे

ऐसा चेहरा हैं तेरा, जैसे रोशन सवेरा
जिस जगह तू नहीं है उस जगह है अँधेरा
ऐसा चेहरा हैं तेरा, जैसे रोशन सवेरा
जिस जगह तू नहीं है उस जगह है अँधेरा

कैसे फिर चैन तुझ बिन तेरे बदनाम लेंगे
कैसे फिर चैन तुझ बिन तेरे बदनाम लेंगे
हुस्न की बात चली तो सब तेरा नाम लेंगे

चाँद आहें भरेगा...

आँख नाज़ुक-सी कलियाँ, बात मिसरी की डालियाँ
होंठ गंगा के साहिल ज़ुल्फें,जन्नत की गलियाँ
आँख नाज़ुक-सी कलियाँ,बात मिसरी की डालियाँ
होंठ गंगा के साहिल ज़ुल्फें,जन्नत की गलियाँ

तेरी ख़ातिर फ़रिश्तें, सर पे इल्ज़ाम लेंगे
तेरी ख़ातिर फ़रिश्तें, सर पे इल्ज़ाम लेंगे
हुस्न की बात चली तो सब तेरा नाम लेंगे

चाँद आहें भरेगा...

चुप न होगी हवा भी,कुछ कहेगी घटा भी
और मुमकिन है तेरा,ज़िक्र कर दे ख़ुदा भी
चुप न होगी हवा भी,कुछ कहेगी घटा भी
और मुमकिन है तेरा,ज़िक्र कर दे ख़ुदा भी

फिर तो पत्थर भी शायद जफ्त से काम लेंगे
फिर तो पत्थर भी शायद जफ्त से काम लेंगे

चाँद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे
हुस्न की बात चली तो सब तेरा नाम लेंगे

चाँद आहें भरेगा चाँद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे
हुस्न की बात चली तो सब तेरा नाम लेंगे...